Bhatnagar Sabha, Udaipur
     
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History of Comunity Center
 
 
पुराना पंचायती नोहरा

समाज के पास पुरखों की धरोहर के रूप मेंशहर के मध्य चांदपोल क्षेत्र में एक पंचायती नोहरा था। जिसका क्षेत्रफल लगभग 10000 वर्गफीट था। पूर्व में समाज के सभी सामुदायिक कार्यक्रम इसी पंचायती नोहरे में समपन्न हुआ करते थे।

 
पुराना पंचायती नोहरा
पुराना पंचायती नोहरा
 
इसी पंचायती नोहरे में समाज के प्रबुद्धजन ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथमिक विद्यालय की स्थापना की। समाज द्वारा संचालित यह विद्यालय 1987 तक क्षेत्र के निर्धन बच्चों को शिक्षा से जोड कर उनके उन्नत भविप्य को संवारता रहा।
 
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथमिक विद्यालय
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथमिक विद्यालय
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथमिक विद्यालय
पुराना पंचायती नोहरा
 

तंग प्रवेश द्वार तथा वाहनों की पार्किंग के लिये समुचित स्थान की अनुपलब्धता के कारण विभिन्न सामाजिक- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिये इसका सदुपयोग कठिन होता जा रहा था। इन्ही समस्याओं के मद्देनजर समाज के लिये नवीन सामुदायिक स्थ्ल की आवश्यकता महसूस की जाने लगी। समाज के गणमान्य सदस्यों के सद्प्रयासों से वर्ष 2001 में स्थानीय नगर विकास प्रन्यास ने समाज को सेक्टर-14 मे 15000 वर्गफीट भूमि आवंटित की।

नवीन आंवटित स्थल पर सामुदायिक केन्द्र एवं श्री चित्रगुप्त जी महाराज का मन्दिर निर्माण करने हेतु अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता थी। समस्त प्रयासों से भी आवश्यकता के अनुरूप धन एकत्रित किया जाना संभव नहीं हो पाने के कारण समाज द्वारा पुराने पंचायती नोहरे को विक्रय करने का कठिन निर्णय लेना पडा।

 
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथमिक विद्यालय
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद प्रथमिक विद्यालय
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
 

नवीन आंवटित सिाल पर सामुदायिक केन्द्र एवं आराध्यदेव के मन्दिर के निर्माण का कार्य कराने का प्रयास प्रारम्भ किया गया। दसमें समाज को सम्बल मिला समाज के भामाशाहों से। दनमें विशेप सहयोग रहा प्रवासी दम्पति डॉ. कुसुम व डॉ सुनील पंचोल का। पंचोली उम्पति ने जो ज्योत प्रज्वलित की उसमें समाज के प्रत्युक सदस्य ने यथासंभव तन-मन-धन से आहुति दी।

25 जनवरी 2004 को शुभ मुहुर्त में भमिपूजन के साथ ही सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया।

आवंटित भमि पहाडी व असमतल होने के कारण उसको समतल करने का कार्य किया गया तत्पश्चात 13 जनवरी 2005 को नींव पूजन कर सामुदायिे केन्द्र व मन्दिर का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया।

 
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
 

पहाडी को काटकर सामुदायिंक केन्द्र के लिये समतल भूमि तैयार की गई।

कठिन प्रयासों के बाद आवंटित भमि को आवश्यकता अनुसार समतल कर लिया गया। केन्द्र निर्माण हेतु तैयार भमि पर खडे होकर देखने पर विहंगम दृश्य।

नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य के विभिन्न चरणों के विहंगम दृश्य।

नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
       
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
       
20 फरवरी 2008 को अन्ततः समाज का स्वप्न साकार हुआ। तीन वर्पों के अल्प समय में ही सभी ने अपने अथक प्रयासों से सामुदायिंक केन्प्र एवं आराध्यदेव के मन्दिर निर्माण कार्य को अपनी पूर्णता तक पहुँचा दिया।
 
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
       
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य
नींव से निर्माण तक - सामुदायिक केन्द्र पर निर्माण कार्य